Friday, April 3, 2009

हिन्दी रंगमंच दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन

आगरा शहर की जानी-मानी सांस्कृतिक संस्था "रंगलीला" ने हिन्दी रंगमंच दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी और नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया। संगोष्ठी का विषय था "भारतीय संस्कृति का तालिबानीकरण"। संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये संस्था के अध्यक्ष एंव वरिष्ठ पत्रकार अनिल शुक्ल ने कहा कि हजारों साल पुराना इतिहास है कि हमारे देश की संस्कृति विकास की ओर जाने के लिये अग्रसर करती है ना कि किसी भी तरह की कट्टरपंथी विचारधारा को अपनाने की। उन्होने कहा कि हमारे यहां हिन्दु संस्कृति का असर मुस्लिम परिवारों मे और मुस्लिम संस्कृति का प्रभाव हिन्दु परिवरों पर रहा है। लेकिन कुछ साम्प्रदायिक ताकतें अपने स्वार्थ की खातिर समाज मे ज़हर घोलने का काम कर रही हैं।
मुख्य अतिथि इप्टा के महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने संगोष्ठी के विषय की सरहाना करते हुये कहा कि पिछले एक दशक से कुछ ऐसी हिन्दुवादी ताकतें वजूद मे आ गयी हैं जो समाज मे होने वाले सारें क्रिया-कलापों को अपने ढंग से संचालित करना चाहती हैं। चाहे वो किसी नाटक का मंचन हो या फिर किसी फिल्म का शीर्षक। किसी का बेटी क्या पहनेगी, क्या पढेगी, कहां शादी करेगी, किस के साथ और कब घर से निकलेगी इस तरह की तमाम बातों पर फैसला करना चाहतें हैं। जरअसल यही वो लोग हैं जो हमारी संस्कृति को तालिबानीकरण की ओर ले जा रहे हैं। श्री रघुवंशी ने हिन्दी रंगमंच की दिशा और दशा पर प्रकाश डालते हुये इसे बढावा देने का आह्ववान किया।
संगोष्ठी को आगे बढाते हुये वरिष्ठ समाजविज्ञानी ड़ॉ. राजेश्वर प्रसाद सक्सेना ने कहा कि कट्टरपंथ वहां फैलता है जहां अशिक्षा हो। इसलिये अगर इस कट्टरपंथ के नासूर को समाज से हटाना है तो पहले शिक्षा का प्रसार-प्रचार हर दिशा मे करना होगा। चाहे वो समाजिक शिक्षा हो या सांस्कृतिक। संगोष्ठी के बाद रंगलीला के कलाकारों ने चर्चित नाटक सेटिंग का मंचन किया। वरिष्ठ रंगकर्मी शरमन लाल ने एकल नाटक की प्रस्तुति दी। इसके अलावा लाखन सिंह, सोनिया बघेल और हरजीत कौर आदि ने गीत भी प्रस्तुत किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि सोम ठाकुर और संचालन रंगकर्मी एंव पत्रकार योगेन्द्र दुबे ने किया। इस मौके पर डॉ. शशि तिवारी, डॉ. मधुरमा शर्मा, डॉ. श्रीभगवान शर्मा, विनय पसरिया, एस.एन. गोगिया, डॉ. जवाहर सिंह ठाकरे, सदन सोहन सक्सेना, तलत उमरी और कमलदीप आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

Thursday, January 1, 2009

विकास भवन पर वैश्य समाज का धरना

आगरा। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने वैश्य समाज के लोगों को पर किये जा रहे अत्याचार के खिलाफ आगरा के विकास भवन पर दऱना दिया। धरने पर बैठे लोगों ने औरेय्या के इंजीनियर हत्या कांड़ और आगरा के मोनू अपहरण काण्ड़ का विरोध जताते हुये वैश्य समाज को असुरक्षित बताया।
औरेय्या के इंजीनियर मनोज गुप्ता की निर्मम हत्या और आगरा के मोनू गुप्ता के अपहरण की घटना ने वैश्य समाज को दहला दिया है। पूरे प्रदेश मे वैश्य समाज के लोगों के साथ हो रही इस प्रकार की अन्य घटनाओं ने वैश्य समाज के लोगों को गुस्से से भर दिया है। जिसके चलते अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने विकास भवन के समक्ष जाकर धरना दिया और एक मांग पत्र भी प्रशासन को सौंपा।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से वैश्य समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, इससे तो समाज के लोग अपने काम-धाम छोड़कर घर बैठने को मजबूर हो जायेगें और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी। वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहज़े मे कहा कि अगर जल्द ही इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नही लगा तो समस्त वैश्य समाज सड़कों पर आकर आन्दोलन करेगा।
इस मौके पर पोरवाल महासभा के अध्यक्ष रामचरन गुप्ता, रविप्रकाश अग्रवाल, ड़ा अशोक अग्रवाल, विनय अग्रवाल, आनन्द पोरवाल, अतुल गर्ग और दीपक बसंल आदि मौजूद थे। धरने की अध्यक्षता मुरारीलाल फतेहपुरिया ने किया।

नये साल पर शिशु सदन मे दिया दान

आगरा। मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संघ की आगरा इकाई के सदस्यों ने नववर्ष के उपलक्ष मे बाल शिशु सदन अनाथ आश्रम जाकर वहां रह रहे बच्चों को कई तरह की ज़रुरी वस्तुऐं प्रदान की।
संघ से जुड़े पदाधिकारी एंव सदस्य दोपहर बल्केश्वर स्थित शिशु सदन पर पंहुचे और वहां मौजूद बच्चों के लिये चादरें, तख्त, ट्रंक और खाने-पीने का सामान देकर नये साल की शुभकामनाऐं दी। ये सारा सामान संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रहण किया। इस मौके पर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकरण शर्मा, महासचिव जितेन्द्र पाराशर, प्रदेश महासचिव सुखदेव आचार्य, शिवशंकर वर्मा, मंड़ल प्रभारी नीरज लवानियां, उपाध्यक्ष जे पी सिंह, नगराध्यक्ष जितेन्द्र अग्रवाल, पुष्पा शर्मा, प्रतिमा तोमर, राजेश देवी और लता गुप्ता आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। नये साल के पहले दिन संस्था के पदाधिकारियों ने भविष्य मे भी इस तरह के सामाजिक कार्यों को जारी रखने संकल्प लिया।

आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दें- ज़ैदी

आगरा। इस्लामिक नववर्ष 1430 हिजरी की शुरुआत के मौके पर बेमिसाल ताजमहल की शाही मस्जिद के सदर सैय्यद इब्राहिम ज़ैदी ने सभी देशवासियों को मुबारकबाद दी। इस मौके पर उन्होने अपील करते हुये कहा कि इस नये साल में सभी देशवासी मिलकर आंतकवाद फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दें। ताकि पूरी दुनिया को ये संदेश जाये कि भारत मे रहने वाले तमाम लोग आंतकवाद के खिलाफ है। उन्होने केन्द्र और प्रदेश सरकार से आगरा मे पर्यटन को बढावा देने की नयी योजनाओं को विकसित करने की मांग भी दोहराई।

Monday, December 29, 2008

शिक्षकों का सम्मान, छात्रों को पुरुस्कार

आगरा। ब्राइट आर्गेनाइजेशन ऑफ यूथ के 14वें शिक्षक सम्मान समारोह मे उत्तर भारत के कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह मे शहर के अनेक छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के लिये पुरुस्कृत किया गया।सूरसदन मे आयोजित इस समारोह के दौरान नोएड़ा के शिक्षाविद प्रो. प्रदीप माथुर, के.आर. कॉलेज मथुरा के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. हिमान्शु चर्तुवेदी, एम.जी. काशी कॉलेज के प्रो. अनिल कुमार और राजीव जैन समेत कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूलों को दिये जाने वाले पुरुस्कारों मे बी.एम.राय स्कूल, सेन्ट कॉनरेड़, क्यूवी आदि स्कूलों का बोलबाला रहा। सम्मानित किये गये छात्र-छात्राओं मे अलीशा जै़दी, अर्श आदि के अलावा करीब 550 बच्चों को पुरुस्कृ़त किया गया। ये पुरुस्कार बच्चों को एकल नृत्य प्रतियोगिता, चित्रकला और फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के लिये दिये गये। समारोह का संचालन नेहा माथुर और सुयशि प्रसाद ने सामुहिक रुप से किया। कार्यक्रम के अन्त मे संस्थाध्यक्ष डा. मोहित पी. माथुर ने सभी को आभार व्यक्त करते हुये इस तरह के कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किये जाने पर ज़ोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राऐं और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।

पुलिस कांउसलर हुये सम्मानित

आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिये एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में गरीब, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम के दौरान बढते घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया गया।आगरा के पोरवाल भवन मे एक स्थानीय संस्था द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे परिवार परामर्श केन्द्र के अध्यक्ष एंव पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद ने कहा कि घरेलू झगड़ो के पीछे एक बड़ा हाथ घर की बड़ी-बूढी महिलाओं का भी होता है। इसलिये ये ज़रुरी हो जाता है कि केन्द्र के सदस्य पति-पत्नी के अलावा दोनों पक्षों की महिलाओं को भी खास कांउसलिंग दें ताकि घरेलू विवाद थाने या अदालत तक ना जाकर घर की चारदिवारी मे ही निपट जायें। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान शुरु किये गये प्रोजेक्ट दीदी के बारे मे भी लोगों को जानकारी दी।पुलिस अधीक्षक (नगर) ड़ा. बी.पी.अशोक ने कहा कि दुनियाभर मे 90 प्रतिशत शादियां लव मैरिज होती हैं जबकि भारत मे ये औसत केवल 10 फिसदी है उसके बावजूद हमारे देश मे घरेलू झगड़े और विवाद ज़्यादा होते हैं। इसके बारे मे हमे खुले मंच पर बहस करनी चाहिये। उन्होने केन्द्र के सदस्यों को कठिनटास्क का प्रशिक्षण दिये जाने की वकालत करते हुये अन्तर्राजातीय और अन्तरधार्मिक विवाह किये जाने पर ज़ोर दिया।कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के सदस्य अन्जलि वर्मा, आरजे अखलाख अहमद, सुरेखा खत्री आदि ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ बांटे। इसके बाद सिलाई मशीनें बांटी गयी और केन्द्र के सभी 50 सदस्यों और पुलिसकर्मीयों को मंच पर बुलाकर कर सम्मानित किया गया। जिनमें सोशल वर्कर सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी, प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, गौरव गुप्ता, रानी गुप्ता, मंजुला सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इसरार हुसैन, अनुवादक गुलफाम अहमद, अरुणा सिंह, विमला राठौर, लाली यादव और हाजी जमीलुद्दीन के नाम प्रमुख हैं।

बिछड़े दिलों को मिला रही है पुलिस

आगरा। अपराधियों पर अंकुश लगाने वाली पुलिस अब बिछड़े दिलों को मिलाने का काम भी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानुसार आगरा पुलिस ने भी घरेलू मामलों को थाने की चारदिवारी के बाहर निपटाने की कवायद ज़ोरशोर से शुरु कर दी है। पिछले चार हफ्तों से पुलिस लाईन मे परिवार परामर्श केन्द्र संचालित किया जा रहा है। जिसमें कई बिछड़े जोड़ों को फिर से एक कर दिया गया।आगरा के पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद की अध्यक्षता मे शुरु किया गया केन्द्र अब एक बड़े परिवार का रूप ले चुका है। जनपदभर से आये घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को निपटाने के लिये 50 सदस्यों की एक टीम तैयार की गयी है। जिसमे शहर के चुनिन्दा लोगों को शामिल किया गया है जो ऐसे लोगों को कांउसलिंग दे सकें। केन्द्र के सभी सदस्यों को कांउसलिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। हर रविवार को लगने वाले कांउसलिंग शिविर मे परिवारों को एक करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। अदालत मे विचाराधीन मामलों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अशफाक अहमद इस तरह के केन्द्र चलाने मे माहिर माने जाते हैं। गौरतलब है कि अपने एटा कार्यकाल के दौरान उन्होने प्रोजेक्ट दीदी के माध्यम से इस तरह के मामलों को निपटाने का नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अभी तक लगभग एक दर्जन से अधिक जोड़ों मे समझौता कराया गया है। इसकी सफलता के चलते इसमे आने वाले मामलों मे हर सप्ताह बढोत्तरी हो रही है और थानों के साथ-साथ अदालतों का बोझ भी कम होता जा रहा है। आगरा परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों मे प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, पर्यटन एंव समाजसेवी सैय्यद इब्राहिम हुसैन जै़दी, आरजे अखलाक अहमद, महिला कार्यकर्ता सरोज गौड़, गौरव गुप्ता, एड़वोकेट अंजलि, मंजू गुप्ता, इसरार हुसैन, विनय पुरवाल, हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुकेश गुप्ता, सुरेखा खत्री, रानी गुप्ता और मंजुला सिंह आदि के नाम प्रमुख है।