आगरा। ब्राइट आर्गेनाइजेशन ऑफ यूथ के 14वें शिक्षक सम्मान समारोह मे उत्तर भारत के कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह मे शहर के अनेक छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के लिये पुरुस्कृत किया गया।सूरसदन मे आयोजित इस समारोह के दौरान नोएड़ा के शिक्षाविद प्रो. प्रदीप माथुर, के.आर. कॉलेज मथुरा के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. हिमान्शु चर्तुवेदी, एम.जी. काशी कॉलेज के प्रो. अनिल कुमार और राजीव जैन समेत कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूलों को दिये जाने वाले पुरुस्कारों मे बी.एम.राय स्कूल, सेन्ट कॉनरेड़, क्यूवी आदि स्कूलों का बोलबाला रहा। सम्मानित किये गये छात्र-छात्राओं मे अलीशा जै़दी, अर्श आदि के अलावा करीब 550 बच्चों को पुरुस्कृ़त किया गया। ये पुरुस्कार बच्चों को एकल नृत्य प्रतियोगिता, चित्रकला और फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के लिये दिये गये। समारोह का संचालन नेहा माथुर और सुयशि प्रसाद ने सामुहिक रुप से किया। कार्यक्रम के अन्त मे संस्थाध्यक्ष डा. मोहित पी. माथुर ने सभी को आभार व्यक्त करते हुये इस तरह के कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किये जाने पर ज़ोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राऐं और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।
Monday, December 29, 2008
शिक्षकों का सम्मान, छात्रों को पुरुस्कार
आगरा। ब्राइट आर्गेनाइजेशन ऑफ यूथ के 14वें शिक्षक सम्मान समारोह मे उत्तर भारत के कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। समारोह मे शहर के अनेक छात्र-छात्राओं को उनकी योग्यता के लिये पुरुस्कृत किया गया।सूरसदन मे आयोजित इस समारोह के दौरान नोएड़ा के शिक्षाविद प्रो. प्रदीप माथुर, के.आर. कॉलेज मथुरा के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. हिमान्शु चर्तुवेदी, एम.जी. काशी कॉलेज के प्रो. अनिल कुमार और राजीव जैन समेत कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूलों को दिये जाने वाले पुरुस्कारों मे बी.एम.राय स्कूल, सेन्ट कॉनरेड़, क्यूवी आदि स्कूलों का बोलबाला रहा। सम्मानित किये गये छात्र-छात्राओं मे अलीशा जै़दी, अर्श आदि के अलावा करीब 550 बच्चों को पुरुस्कृ़त किया गया। ये पुरुस्कार बच्चों को एकल नृत्य प्रतियोगिता, चित्रकला और फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता के लिये दिये गये। समारोह का संचालन नेहा माथुर और सुयशि प्रसाद ने सामुहिक रुप से किया। कार्यक्रम के अन्त मे संस्थाध्यक्ष डा. मोहित पी. माथुर ने सभी को आभार व्यक्त करते हुये इस तरह के कार्यक्रम निरन्तर आयोजित किये जाने पर ज़ोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राऐं और उनके अभिभावक भी मौजूद थे।
पुलिस कांउसलर हुये सम्मानित
आगरा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संचालित किये जा रहे है परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिये एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में गरीब, तलाकशुदा और विधवा महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम के दौरान बढते घरेलू हिंसा के मामलों पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया गया।आगरा के पोरवाल भवन मे एक स्थानीय संस्था द्वारा आयोजित सम्मान समारोह मे परिवार परामर्श केन्द्र के अध्यक्ष एंव पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद ने कहा कि घरेलू झगड़ो के पीछे एक बड़ा हाथ घर की बड़ी-बूढी महिलाओं का भी होता है। इसलिये ये ज़रुरी हो जाता है कि केन्द्र के सदस्य पति-पत्नी के अलावा दोनों पक्षों की महिलाओं को भी खास कांउसलिंग दें ताकि घरेलू विवाद थाने या अदालत तक ना जाकर घर की चारदिवारी मे ही निपट जायें। उन्होने अपने कार्यकाल के दौरान शुरु किये गये प्रोजेक्ट दीदी के बारे मे भी लोगों को जानकारी दी।पुलिस अधीक्षक (नगर) ड़ा. बी.पी.अशोक ने कहा कि दुनियाभर मे 90 प्रतिशत शादियां लव मैरिज होती हैं जबकि भारत मे ये औसत केवल 10 फिसदी है उसके बावजूद हमारे देश मे घरेलू झगड़े और विवाद ज़्यादा होते हैं। इसके बारे मे हमे खुले मंच पर बहस करनी चाहिये। उन्होने केन्द्र के सदस्यों को कठिनटास्क का प्रशिक्षण दिये जाने की वकालत करते हुये अन्तर्राजातीय और अन्तरधार्मिक विवाह किये जाने पर ज़ोर दिया।कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के सदस्य अन्जलि वर्मा, आरजे अखलाख अहमद, सुरेखा खत्री आदि ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ बांटे। इसके बाद सिलाई मशीनें बांटी गयी और केन्द्र के सभी 50 सदस्यों और पुलिसकर्मीयों को मंच पर बुलाकर कर सम्मानित किया गया। जिनमें सोशल वर्कर सैय्यद इब्राहिम हुसैन ज़ैदी, प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, गौरव गुप्ता, रानी गुप्ता, मंजुला सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इसरार हुसैन, अनुवादक गुलफाम अहमद, अरुणा सिंह, विमला राठौर, लाली यादव और हाजी जमीलुद्दीन के नाम प्रमुख हैं।
बिछड़े दिलों को मिला रही है पुलिस
आगरा। अपराधियों पर अंकुश लगाने वाली पुलिस अब बिछड़े दिलों को मिलाने का काम भी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानुसार आगरा पुलिस ने भी घरेलू मामलों को थाने की चारदिवारी के बाहर निपटाने की कवायद ज़ोरशोर से शुरु कर दी है। पिछले चार हफ्तों से पुलिस लाईन मे परिवार परामर्श केन्द्र संचालित किया जा रहा है। जिसमें कई बिछड़े जोड़ों को फिर से एक कर दिया गया।आगरा के पुलिस अधीक्षक (अपराध) अशफाक अहमद की अध्यक्षता मे शुरु किया गया केन्द्र अब एक बड़े परिवार का रूप ले चुका है। जनपदभर से आये घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को निपटाने के लिये 50 सदस्यों की एक टीम तैयार की गयी है। जिसमे शहर के चुनिन्दा लोगों को शामिल किया गया है जो ऐसे लोगों को कांउसलिंग दे सकें। केन्द्र के सभी सदस्यों को कांउसलिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। हर रविवार को लगने वाले कांउसलिंग शिविर मे परिवारों को एक करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। अदालत मे विचाराधीन मामलों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अशफाक अहमद इस तरह के केन्द्र चलाने मे माहिर माने जाते हैं। गौरतलब है कि अपने एटा कार्यकाल के दौरान उन्होने प्रोजेक्ट दीदी के माध्यम से इस तरह के मामलों को निपटाने का नया कीर्तिमान स्थापित किया था। अभी तक लगभग एक दर्जन से अधिक जोड़ों मे समझौता कराया गया है। इसकी सफलता के चलते इसमे आने वाले मामलों मे हर सप्ताह बढोत्तरी हो रही है और थानों के साथ-साथ अदालतों का बोझ भी कम होता जा रहा है। आगरा परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों मे प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह, पर्यटन एंव समाजसेवी सैय्यद इब्राहिम हुसैन जै़दी, आरजे अखलाक अहमद, महिला कार्यकर्ता सरोज गौड़, गौरव गुप्ता, एड़वोकेट अंजलि, मंजू गुप्ता, इसरार हुसैन, विनय पुरवाल, हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुकेश गुप्ता, सुरेखा खत्री, रानी गुप्ता और मंजुला सिंह आदि के नाम प्रमुख है।
बदसलूकी महंगी पड़ी सीआईएसएफ को
आगरा। भारत सरकार और केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने ताजमहल की सुरक्षा मे तैनात सीआईएसएफ के जवानों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी व्यक्त की है। उन्होने शुक्रवार के दिन नमाज़ के लिये जाने वालों के साथ बदसलूकी के मामले मे कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किये है। इस मामले मे ताजमहल मस्जिद के सदर सैय्यद इब्राहिम ज़ैदी ने सितम्बर माह मे नमाजियों के साथ की गयी बदसलूकी की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृहमंत्री समेत कई अधिकारियों से की थी।ताजमहल मे अक्सर पर्यटकों और नमाज़ियों के साथ सीआईएसएफ के जवान बदसलूकी करते रहते हैं। इस बारे मे कई बार पहले भी शिकायत की जा चुकी हैं। लेकिन सरकारी तन्त्र की लापरवाही के चलते अक्सर ऐसे मामले ठण्ड़े बस्ते मे चले जाते है। इसका लाभ उठाकर सीआईएसएफ के लोग अपनी हरकतों से बाज़ नही आते। बीती 29-08-2008 को कई लोग जुमे की नमाज़ के लिये ताजमहल की मस्जिद मे मौजूद थे। इसी दौरान वहां नमाज़ पढ रही एक महिला को सीआईएसएफ की महिला जवान ने हाथ पकड़ कर बाहर खींच लिये था यही नही जब इस बात का विरोध किया गया तो सीआईएसएफ के एसआई और जवानों ने ताज के गेट पर नमाज़ियों के साथ बदसलूकी के साथ-साथ गाली गलौज भी की थी।इस मामले को गम्भीरता से लेते हुये स्वतंत्र पत्रकार और ताजमहल मस्जिद के सदर सैय्यद इब्राहिम ज़ैदी ने एक शिकायती पत्र ताज के ड़िप्टी कंमाड़ेन्ट समेत और कई लोगों को प्रेषित किया था। उसी पत्र पर कार्यवाही करते हुये भारत सरकार के अवर सचिव ए.के.साहू और केन्द्रीय गृहमन्त्रालय के अतिरिक्त सचिव अजय भाटी ने सीआईएसएफ के डीजी आर.के.दास को इस प्रकरण मे सीआईएसएफ के दोषी अधिकारियों और जवानों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये हैं। साथ ही दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सीआईएसएफ ड़ीजी को कार्यवाही के बाद इस सम्बन्ध मे राष्ट्रपति कार्यालय और केन्द्रीय गृहमंत्रालय समेत श्री ज़ैदी को भी सूचित करने के निर्देश दिये हैं। दोनों अधिकारियों की और से श्री ज़ैदी को पत्र के माध्यम से इस बारे मे विस्तृत सूचना दी गयी है। श्री ज़ैदी के मुताबिक उन्हे भारत सरकार और गृहमंत्रालय पर पूरा भरोसा है कि वे दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कर नमाज़ियों और पर्यटकों को राहत देगें।
जायें तो जायें कहां.......?
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